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शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी के 10 लकà¥à¤·à¤£ व खà¥à¤°à¤¾à¤• | Bacho Me Vitamin D Ki
IN THIS ARTICLE
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी कà¥à¤¯à¤¾ है? | Bacho Me Vitamin D Ki Kami
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है? | Baccho Me Vitamin D Ki Kami Se Hone Wale Rog
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी के लकà¥à¤·à¤£
विटामिन-डी की कमी के कारण
विटामिन-डी की कमी के लिठउपचार
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी को कैसे रोकें?
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी की खà¥à¤°à¤¾à¤•/दवाई
विटामिन-डी यà¥à¤•à¥à¤¤ सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
विटामिन-डी के कौन से पà¥à¤°à¤•ार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को देने चाहिà¤?
अधिक विटामिन-डी के कà¥à¤¯à¤¾ जोखिम हैं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शारीरिक और मानसिक विकास के लिठउनमें सà¤à¥€ तरह के पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ का होना जरूरी है। अगर उनके शरीर में कोई à¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ कम हो जाà¤, तो उनके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और विकास पर नकारातà¥à¤®à¤• असर पड़ सकता है। पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में सबसे आम विटामिन-डी की कमी है। इस कमी के बारे में पता चलते ही इसे जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ पूरा किया जाना चाहिà¤à¥¤ अब आप सोच रहे होंगे कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी का पता कैसे चलेगा। इसका जवाब आपको मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में मिलेगा। यहां विटामिन-डी की कमी के लकà¥à¤·à¤£, कारण और इलाज के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है।
लेख के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¤¾à¤— में हम शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी कà¥à¤¯à¤¾ होती है, यह बता रहे हैं।
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी कà¥à¤¯à¤¾ है? | Bacho Me Vitamin D Ki Kami
जब किसी शिशॠया बचà¥à¤šà¥‡ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन-डी नहीं मिलता, तो उसके शरीर में विटामिन-डी का सà¥à¤¤à¤° कम होने लगता है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ इंफॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨) की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, विटामिन-डी के सà¥à¤¤à¤° को सीरम 25-हाइडà¥à¤°à¥‰à¤•à¥à¤¸à¥€ विटामिन-डी व कैलà¥à¤¸à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤² कहा जाता है। इस शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के रकà¥à¤¤ में विटामिन-डी का सà¥à¤¤à¤° 20 नैनोगà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिली लीटर यानी 50 नैनोमोल पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लीटर से कम होता है, तो इसे शरीर में विटामिन-डी की कमी माना जाता है (1)।
वहीं, वरà¥à¤²à¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ ऑरà¥à¤—ेनाइजेशन (डबà¥à¤²à¥‚à¤à¤šà¤“) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, रकà¥à¤¤ में जब विटामिन-डी की मातà¥à¤°à¤¾ 30 नैनोमोल पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लीटर से कम होती है, तो उसे विटामिन-डी डेफिशिà¤à¤‚सी कहा जाता है (2)। इस कमी के कारण बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ का कमजोर होना व दौरे पड़ने जैसी कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का जोखिम बॠसकता है।
आगे हम बता रहे हैं कि शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन डी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है।
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है? | Baccho Me Vitamin D Ki Kami Se Hone Wale Rog
विटामिन-डी à¤à¤• पोषक ततà¥à¤µ है, जो शरीर को खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से मिलने वाले कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® को अवशोषित करने में मदद कर सकता है। ये दोनों पोषक ततà¥à¤µ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व विटामिन-डी मिलकर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, विटामिन-डी हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने और चोट या सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ठीक करने में à¤à¥€ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है (3)।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का घनतà¥à¤µ कम हो सकता है, जिससे ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का कमजोर होना) और फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी के कारण रिकेटà¥à¤¸ (हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का नाजà¥à¤• और à¤à¥à¤•ा हà¥à¤† होना) की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (4)। इसी वजह से विटामिन-डी को शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना जाता है।
अब आगे हम शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी के लकà¥à¤·à¤£ के बारे में बताà¤à¤‚गे।
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी के लकà¥à¤·à¤£
विटामिन-डी की कमी के लकà¥à¤·à¤£ हर बचà¥à¤šà¥‡ में अलग-अलग हो सकते हैं। इसके कà¥à¤› आम लकà¥à¤·à¤£ के बारे में हम नीचे बता रहे हैं (1) (5) (6):
कलाई पर सूजन।
मांसपेशियों में कमजोरी।
शरीर का सही से विकास न होना।
जलà¥à¤¦à¥€ थक जाना।
चिड़चिड़ापन।
दौरे पड़ना।
निचले अंग और पीठमें दरà¥à¤¦à¥¤
पैरों का à¤à¥à¤•ना (Bow Legs)
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के घनतà¥à¤µ में कमी।
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µà¥¤
पेट निकलना।
बार-बार निमोनिया होना।
अब विटामिन-डी की कमी के कारण पर à¤à¤• नजर डाल लेते हैं।
विटामिन-डी की कमी के कारण
शरीर में विटामिन-डी की कमी होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से ये शामिल हैं (4):
खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन-डी का न होना।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विटामिन-डी को अवशोषित न कर पाने (मालà¤à¤¬à¥à¤œà¥‰à¤°à¥à¤ªà¥à¤¶à¤¨) की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
सूरà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤•ाश के संपरà¥à¤• में कम आना या न आना।
लिवर और किडनी का विटामिन-डी को उसके सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ न पाना।
कà¥à¤› दवाओं का विटामिन-डी को परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ व अवशोषित करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को रोकना।
विटामिन-डी की कमी के कारण के बाद इसके उपचार के बारे में जान लेते हैं।
विटामिन-डी की कमी के लिठउपचार
विटामिन-डी की कमी का उपचार परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन-डी लेना ही है। विटामिन-डी के मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ की मदद से इस कमी को पूरा किया जा सकता है, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (3) (4)।
सूरज की रोशनी : धूप में बैठने से शरीर को विटामिन-डी मिलता है। आजकल बचà¥à¤šà¥‡ अधिकांश समय सà¥à¤•ूल में या फिर घर के अंदर ही बिताते हैं, जिस कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धूप से विटामिन-डी नहीं मिल पाता है। इसी वजह से सà¥à¤¬à¤¹ धूप सेंकने से विटामिन-डी के सà¥à¤¤à¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है।
आहार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ : खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ विटामिन-डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। वैसे, तो बहà¥à¤¤ कम खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में विटामिन-डी होता है, जिसमें मछली व मछली का तेल, मशरूम, चीज़, फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ (पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को अलग से जोड़ना) दूध, दही, जूस और अनाज शामिल हैं।
सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ : विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को विटामिन-डी का सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ दिठजा सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी की गोलियां, चà¥à¤¯à¥‚गम और सिरप खरीद सकते हैं। इसे आमतौर पर विटामिन-डी3 कहा जाता है। बस इसे बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को न दें।
आगे हम शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी को रोकने के तरीके के बारे में बता रहे हैं।
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की कमी को कैसे रोकें?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन-डी देकर ही इसकी कमी को रोका जा सकता है। इसके लिठआप नीचे दिठगठउपायों को अपना सकते हैं (4) (7)।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कà¥à¤› देर सूरज की रोशनी में बैठने या खेलने के लिठकहें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि सà¥à¤¬à¤¹ के समय सूरज की रोशनी कम होती है और उसी दौरान धूप में बैठना सही होता है। इसके बाद फायदे की जगह नà¥à¤•सान हो सकता है।
विटामिन-डी यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार, जैसे – अंडा, चीज़ व मशरूम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को खिलाà¤à¤‚।
समय-समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप कराà¤à¤‚, ताकि पता चल सके कि उसमें पोषक ततà¥à¤µ की कमी है या नहीं।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नहलाने से पहले सूरज की रोशनी में तेल से मालिश करना।
चलिà¤, अब जानते हैं कि शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी की कितनी खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जानी चाहिà¤à¥¤
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी की खà¥à¤°à¤¾à¤•/दवाई
शिशà¥à¤“ं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी की खà¥à¤°à¤¾à¤• को अलग-अलग उमà¥à¤° के आधार पर तय किया जाता है। यह खà¥à¤°à¤¾à¤• कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार है (8):
0 से 12 महीने के शिशà¥à¤“ं के लिठ400 IU (10 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® (à¤à¤®à¤¸à¥€à¤œà¥€) पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨)।
1 से 8 वरà¥à¤· के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठ600 IU (15 mcg /पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨)।
9 वरà¥à¤· से ऊपर की आयॠवालों के लिठà¤à¥€ 600 IU (15 mcg /पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨)।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी की अधिकतम सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में नीचे पढ़ें। विटामिन-डी का इससे अधिक सेवन करने से बचà¥à¤šà¥‡ में विटामिन-डी की विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
शिशà¥à¤“ं को अधिकतम 1 हजार से 1,500 IU पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ (25 से 38 à¤à¤®à¤¸à¥€à¤œà¥€) लेना चाहिà¤à¥¤
1 से 8 वरà¥à¤· के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन-डी की अधिकतम सीमा 2,500 से 3,000 IU पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ है।
9 साल और उससे अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठ4,000 IU पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ विटामिन-डी की अधिकतम सीमा है।
आगे विटामिन-डी यà¥à¤•à¥à¤¤ सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के बारे में जानें।
विटामिन-डी यà¥à¤•à¥à¤¤ सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में विटामिन-डी2 और विटामिन-डी3 दोनों होते हैं, जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन-डी की पूरà¥à¤¤à¤¿ में मददगार साबित हो सकते हैं। कà¥à¤¯à¤¾ हैं विटामिन-डी यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ नीचे पढ़ें (1) (4) (9)।
6 महीने से अधिक आयॠके शिशà¥à¤“ं के लिà¤
फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ मिलà¥à¤•
फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ संतरे का रस
फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ सोया मिलà¥à¤•
फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ चावल का दूध
चीज़
फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ सिरियल
फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ इंफेनà¥à¤Ÿ फॉरà¥à¤®à¥‚ला
à¤à¤• वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤
सैलà¥à¤®à¤¨ व मैकेरल मछली
अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ यानी पीला à¤à¤¾à¤—
गाय का दूध
दही
अनाज
फलों के रस
मशरूम
अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दिठजाने वाले विटामिन-डी के पà¥à¤°à¤•ार के बारे में बताने जा रहे हैं।
विटामिन-डी के कौन से पà¥à¤°à¤•ार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को देने चाहिà¤?
विटामिन-डी दो पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। à¤à¤• विटामिन-डी2 (à¤à¤°à¥à¤—ो-कैलà¥à¤¸à¤¿à¤«à¥‡à¤°à¥‹à¤²) और दूसरा विटामिन-डी3 (कॉलेकैलà¥à¤¸à¤¿à¤«à¥‡à¤°à¥‰à¤²)। इन दोनों में से बचà¥à¤šà¥‡ को कौन से पà¥à¤°à¤•ार के विटामिन-डी का सेवन करने चाहिà¤, इसकी सटीक सलाह डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर देते हैं। वैसे, ये दोनों ही विटामिन-डी को खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के माधà¥à¤¯à¤® से लिया जा सकता है। इसके अलावा, विटामिन-डी2 व 3 के कैपà¥à¤¸à¥‚ल, टेबलेट, पाउडर और चà¥à¤¯à¥‚गम à¤à¥€ बाजार में उपलबà¥à¤§ हैं (1)।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम बचà¥à¤šà¥‡ को अधिक विटामिन-डी देने से होने वाले जोखिम के बारे में बताà¤à¤‚गे।
अधिक विटामिन-डी के कà¥à¤¯à¤¾ जोखिम हैं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन-डी देने से विटामिन-डी टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ हो सकती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विटामिन-डी शरीर में पहà¥à¤‚चने से यह आंत में अधिक कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अवशोषित करता है। इससे रकà¥à¤¤ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सà¥à¤¤à¤° बà¥à¤¨à¥‡ लगता है। इसके कारण होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (8):
हृदय और फेफड़ों के टिशà¥à¤¯à¥‚ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का जमा होना।
इससे à¤à¥à¤°à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है।
किडनी डैमेज व किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, कबà¥à¤œ, à¤à¥‚ख में कमी, कमजोरी और वजन का घटना।
बचà¥à¤šà¥‡ में विटामिन-डी की कमी से अब घबराने की जरूरत नहीं है। आप लेख में ऊपर बताठगठतरीकों से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इस पोषक ततà¥à¤µ की कमी को दूर कर सकते हैं। बस जरूरी है थोड़ी सी जागरूकता की, जिसमें आपकी सहायता यह लेख करेगा। यहां आप विटमिन-डी की कमी के लकà¥à¤·à¤£ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी हासिल करके यह अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¥€ लगा सकते हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ में विटामिन-डी की कमी है या नहीं। इसके अलावा, विटामिन-डी की कमी से बचाव के लिठआरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में बताठगठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल à¤à¥€ कर सकते हैं। बस किसी तरह का सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट यानी विटामिन-डी की दवा देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¤• बार सलाह जरूर लें।
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